चित्तौड़गढ़ में में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग नहीं हो रही है दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई

चित्तौडगढ़। पुलिस थाना भदेसर का मामला आया सामने, बानसेन बसस्टेण्ड पर दिनांक 6-9-2024 को पुलिस संरक्षण सीआई मोतीराम सारण एवं हेड कानि. सुभाष एवं अन्य कई पुलिस कर्मियों के सामने दिन दहाडे प्रार्थीयों की दुकान से 10 लाख रूपये का साईकलों का सामान एवं साइकिलें एवं एक मारूति वेन 10 से 12 लोग फिल्मी स्टाईल से आकर प्राथर्थीयो के परिवार के साथ गाली गलोच एवं मारपीट कर एक जेसीबी एवं दो ट्रैक्टर ट्रोली के माध्यम से सामान लूट कर ले जाते है, उन अपराधियों के खिलाफ पुलिस थाना भदेसर से किसी प्रकार का कोई मामला दर्ज नहीं होता है ना ही लूटा गया माल जप्ती नहीं बतायी गयी। यह बहुत बड़ा प्रश्नवाचक पुलिस के सामने हैं। उसके बाद प्राधीय नारायण लाल लड्ढा ने न्यायालय की शरण लेकर माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट मण्डफिया के आदेश से

एफआईआर नं. 162/2024 दर्ज होती हैं। उसके बाद 2 माह होने के बाद भी न्यायालय के आदेश की पालना नहीं करने से अपराधियों के हौसले बुलन्द हो गये एवं अपराधी राजनेताओं की शरण लेकर पुलिस प्रशासन भदेसर पर आर्थिक प्रलोभन देकर व राजनीतिक दबाव बना कर बार- बार घटनाओं को अंजाम दे रहे है। इसी तरह दिनांक 12- 1-2025 को रात्री 6 बजे करीबन जिन दूकानी से सामान लूट कर ले गये उस विवादित जमीन पर न्यायालय राजस्व अपील प्राधीकर चित्तौड़गढ़ द्वारा स्थगन आदेश (स्टे) के आदेश के बावजूद भी अपराधियों ने अपने महेन्द्रा ट्रेक्टर ट्रोली एवं एक महिंदा कंपनी का टेंपो में भर कर कई सारा सामान एवं कुर्सीय लाकर उन दूकानों का ताला तोड कर मुझ प्रार्थीया को कब्जे से बेदखल करने नियत से पुरा प्रयास किया जा रहा है। एवं दुकानों में सामान भर दिया गया। यह दुसरी बार घटना को अंजाम दिया गया दिनांक 6-9-2024 को इसी तरह कि घटना को अंजाम दिया गया जिस अपराधियों को पुलिस पकड़ कर ले गए और गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई कि गई यह दूसरी कटना है जिसकी शिकायत पुलिस थाना भदेसर की कन्ट्रोल रूम पर की गयी जिससे मौके पर जाप्ता पहुंचा लेकिन किसी प्रकार की अपराधियों पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी।

इसका नाजायज फायदा उठाकर अपराधी कानून के संविधान के कानून एवं आदेशो की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। जिसमें पुलिस प्रशासन अपराधियों का पूरा सहयोग कर रही है। इस संदर्भ में दिनांक 14-1-2025 को जिला पुलिस अधीक्षक चित्तौडगढ़ एवं महानिदेशक उदयपुर एवं पुलिस थाना भदेसर को एक ज्ञापन सौप कर इन सारे मामले की अतिशीघ्र उच्च अधिकारी से कार्यवाही की मांग की गयी। पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस महानिदेशक रेंज उदयपुर एवं डि.जी.पी महानिदेशक जयपुर को ज्ञापन सौंपा कर उच्च अधिकारी से कार्य की मांग की लूट गया माल अभी तक पुलिस ने जगती नहीं बताई गई यह न्यायालय के सामने पुलिस प्रशासन का बहुत बड़ा प्रश्न वाचक है।

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