निम्बाहेड़ा मंडी में अचानक बरसी बारिश बनी किसानों के आँसुओं का कारण, भीग गई खून-पसीने से उगाई गई फसलें

निम्बाहेड़ा मंडी में अचानक बरसी बारिश बनी किसानों के आँसुओं का कारण, भीग गई खून-पसीने से उगाई गई फसलें
DS7 News Network | निम्बाहेड़ा
डीएस 7 न्यूज निंबाहेड़ा जहां शहर में गिरी पहली बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं यह बारिश किसानों के लिए एक नई मुसीबत बन गई। शनिवार को अचानक हुई तेज बारिश ने निम्बाहेड़ा कृषि मंडी में रखी किसानों की उपज को भीगो दिया। खुले में रखी गेहूं, चना, सरसों जैसी फसलें पानी में तरबतर हो गईं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत एक झटके में बर्बाद होती नजर आई।
मंडी में अपनी फसल बेचने पहुंचे कई किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए देख रहे थे, जब उनकी उपज पर पानी गिरता रहा। कुछ किसान ऐसे भी थे जो कई दिनों से मंडी में जमे हुए थे, लेकिन जब फसल भीगी तो आंखों में आंसू आ गए। एक बुजुर्ग किसान ने कहा, "यह सिर्फ फसल नहीं, हमारा सपना था... अब शायद इसका कोई दाम भी नहीं मिलेगा।"

प्रश्न उठता है कि हर साल मानसून आता है, फिर भी मंडी प्रबंधन बारिश से निपटने के लिए तैयार क्यों नहीं होता? फसल के लिए कोई समुचित ढकाव या सुरक्षा की व्यवस्था क्यों नहीं की जाती?

किसानों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि इस नुकसान का तुरंत सर्वे कराया जाए और उचित मुआवज़ा दिया जाए, ताकि वे दोबारा अपने खेतों में मेहनत के बीज बो सकें।

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