उदयपुर 30 करोड़ की ठगी के आरोप में प्रोड्यूसर विक्रम भट्ट कोर्ट में पेश, 7 दिन का पुलिस रिमांड

30 करोड़ की ठगी का मामला: स्टूडियो की चमक से अदालत के कटघरे तक पहुँचा भरोसे का सफर
डीएस सेवन न्यूज़ उदयपुर की एसीजेएम कोर्ट के कमरे नंबर 4 में सोमवार सुबह का माहौल सामान्य नहीं था। बाहर इंतजार कर रहे लोगों की नजरें बार-बार एक ही दिशा में टिक जाती थीं। वजह थी—फिल्म प्रोड्यूसर विक्रम भट्ट, जिन्हें 30 करोड़ की कथित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस आज कोर्ट में पेश करने वाली थी। पेशी पूरी हुई और अदालत ने उन्हें 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

मामले की शुरुआत एक साधारण-सी मुलाकात से हुई थी। इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने 17 नवंबर को दर्ज कराई FIR में बताया कि एक इवेंट के दौरान उनकी मुलाकात दिनेश कटारिया से हुई। घटना यहीं तक सीमित रहती, अगर कटारिया ने अपनी पत्नी की बायोपिक बनाने का प्रस्ताव न रखा होता। इसी प्रस्ताव ने कहानी को मुंबई तक पहुँचा दिया।

24 अप्रैल 2024 को डॉ. मुर्डिया को मुंबई के वृंदावन स्टूडियो बुलाया गया, जहां उनकी भेंट पहली बार विक्रम भट्ट से कराई गई। शुरू में चर्चा केवल बायोपिक तक ही सीमित रही, लेकिन कुछ मुलाकातों के बाद दायरा व्यापक होता चला गया। आरोप है कि विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट ने चार फिल्मों का एक बड़ा प्रस्ताव रखा—कुल बजट 47 करोड़ और मुनाफे का दावा 100 से 200 करोड़ तक।

इसी भरोसे में डॉ. मुर्डिया ने कई चरणों में अपने स्टाफ के खाते से लगभग 2 करोड़ 45 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए। बाद में इंदिरा एंटरटेनमेंट से भी 42 करोड़ 70 लाख रुपए भेजे गए। जबकि तय बजट अभी पूरा भी नहीं हुआ था, आरोप यहीं मजबूत होने लगे।

अब पुलिस रिमांड में पूरे लेनदेन, फंडिंग और दस्तावेजों की जांच होगी। इस केस ने एक बार फिर यह सवाल उठा दिया है कि चमकती फिल्म दुनिया के पीछे छिपी परतों को समझना कितना जरूरी है—क्योंकि हर कहानी स्क्रीन पर नहीं, कभी-कभी कोर्ट में भी सामने आती है।

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