वृद्धा पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला: भतीजा गिरफ्तार, गांव में दहशत—झोपड़ी से अस्पताल तक छह घंटे की जद्दोजहद
डीएस सेवन न्यूज़ चित्तौड़गढ़ जिले के भादसोड़ा थाना क्षेत्र के पीपलखेड़ी गांव में एक वृद्ध महिला पर कुल्हाड़ी से हुआ जानलेवा हमला पूरे इलाके में सनसनी फैलाने वाला साबित हुआ। शांत और छोटे से गांव में हुई इस वारदात ने ग्रामीणों के मन में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने मामले की परतें खोलते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन घटना से पैदा हुए सवाल अब भी लोगों के बीच गूंज रहे हैं—आख़िर क्यों एक युवक अपनी ही वृद्ध मासी पर इतनी क्रूरता से हमला कर सकता है?
घटनास्थल: खेत की झोपड़ी में खून से सना दृश्य
28 नवंबर की शाम को जब भादसोड़ा पुलिस को एक फोन कॉल पर सूचना मिली कि पीपलखेड़ी गांव में एक वृद्धा को किसी अज्ञात व्यक्ति ने कुल्हाड़ी से वार कर दी है, तो टीम तुरंत मौके पर पहुँची। खेतों के बीच बनी एक कच्ची झोपड़ी में वृद्धा गोपी बाई बेसुध अवस्था में पड़ी मिलीं। उनके चेहरे और सिर पर गहरे घाव थे और पूरा चेहरा खून से लथपथ था। आसपास फैली खून की बूंदें और झोपड़ी के भीतर पसरा सन्नाटा इस बात की गवाही दे रहे थे कि हमला अचानक और अत्यंत क्रूरता से किया गया।
ग्रामीणों की मदद से तत्काल आकोला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ हालत गंभीर होने पर उन्हें सांवलिया जी अस्पताल और फिर उदयपुर रेफर किया गया। पुलिस टीम लगातार उनके साथ रही और पूरी प्रक्रिया पर नज़र रखी।
परिवार का दावा: सोती हुई मां के पास खून से सनी कुल्हाड़ी मिली
वृद्धा के पुत्र पप्पूलाल भील के बयान ने घटना को एक नया मोड़ दिया। उन्होंने बताया कि उनकी मां खेत में बनी झोपड़ी में अकेली रहती थीं और उसी झोपड़ी में घटना के समय उनका रिश्तेदार—मामा का लड़का वजेराम मौजूद था। पप्पूलाल जब शाम करीब चार बजे खेत पर पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि उनकी मां रजाई ओढ़कर सो रही थीं, लेकिन रजाई हटाते ही पूरा चेहरा घायल और खून से भरा मिला। पास ही एक कुल्हाड़ी भी पड़ी थी, जिस पर ताज़ा खून लगा हुआ था।
पप्पूलाल ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और बिना देरी किए मां को अस्पताल पहुँचाया। उन्होंने ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद मामला गंभीर धाराओं में दर्ज कर लिया गया।
पुलिस की पड़ताल: गांव से लेकर साइबर सेल तक फैला खोज अभियान
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस ने कई शक की परतों को हटाया। अज्ञात हमलावर की तलाश में एएसपी सरिता सिंह के निर्देशन में डीएसपी विनोद लखेरा और थानाधिकारी महेन्द्र सिंह गुर्जर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में एएसआई, कांस्टेबल और साइबर सेल के अधिकारी शामिल थे।
घटनास्थल की गहन फोरेंसिक जांच की गई। झोपड़ी के आसपास के पैरों के निशानों से लेकर मोबाइल लोकेशन तक सबकी बारीकी से पड़ताल हुई। पुलिस का फोकस था—आखिर हत्या की नीयत से हमला करने वाला छिपा कहाँ है?
आखिरकार आरोपी धर दबोचा गया
लगातार दबिश, गांव में पूछताछ और साइबर सेल की तकनीकी मदद से पुलिस आरोपी तक पहुँच गई। हमले के बाद फरार चल रहा वजेराम पुत्र जीतू भील गिरफ्तार कर लिया गया। वह वर्तमान में पुलिस रिमांड पर है और पूछताछ जारी है।
पुलिस का मानना है कि घटना का असली कारण वजेराम की मानसिक स्थिति, घरेलू विवाद या किसी व्यक्तिगत रंजिश से जुड़ा हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
गांव में डर और सवाल दोनों बाकी
पीपलखेड़ी जैसे छोटे गांव में ऐसी वारदात को लोग सामान्य नहीं मान पा रहे। ग्रामीणों के अनुसार वृद्धा गोपी बाई किसी से दुश्मनी रखने वाली महिला नहीं थीं। उनका शांत स्वभाव गांव में सभी जानते थे। ऐसे में परिवार के ही युवक का नाम सामने आना गांव के लिए बड़ा झटका है।
पूरे मामले का सार
– वृद्धा पर कुल्हाड़ी से हमला
– गंभीर स्थिति में उदयपुर रेफर
– आरोपी रिश्ते में भतीजा
– पुलिस की तेज कार्रवाई से गिरफ्तारी
– साइबर सेल और FSL टीमों की अहम भूमिका
– पूछताछ जारी, कारणों से अभी परदा नहीं उठा
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