सागवाड़ा पुलिस और DST की संयुक्त कार्रवाई: जंगल में जुआ खेलते 12 लोग गिरफ्तार

सागवाड़ा पुलिस और DST की संयुक्त कार्रवाई: जंगल में जुआ खेलते 12 लोग गिरफ्तार
डीएस सेवन न्यूज़ सागवाड़ा क्षेत्र में बढ़ती अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए सागवाड़ा पुलिस थाना और जिला विशेष टीम (DST) लगातार कार्रवाई को अंजाम दे रही है। इसी क्रम में मंगलवार देर शाम दोनों टीमों ने संयुक्त रूप से मसानिया तालाब के पीछे स्थित घने जंगल में दबिश देकर जुआ-सट्टा खेल रहे 12 व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़ा। मौके से ताश की गड्डी तथा कुल 10,230 रुपए बरामद किए गए।

सूत्रों के अनुसार DST टीम को गोपनीय सूचना मिली थी कि तालाब के पीछे एक सुनसान जगह पर कुछ लोग लंबे समय से जुआ खेलने के लिए जमा होते हैं। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने तुरंत सागवाड़ा पुलिस को अवगत कराया और संयुक्त ऑपरेशन की रणनीति बनाई गई। योजना के अनुसार दोनों टीमों ने क्षेत्र की घेराबंदी की ताकि कोई भी व्यक्ति भाग न सके। दबिश के दौरान आरोपी जुआ खेलते हुए पकड़े गए, जिनमें से कई वहां से भागने की कोशिश भी कर रहे थे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के कारण सभी को मौके पर ही काबू कर लिया गया।

कार्रवाई के बाद टीम ने सभी संदिग्धों की तलाशी ली। उनके पास मिले ताश के पत्ते और नगद राशि को जब्त करते हुए पंचनामा तैयार किया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित लोगों से पूछताछ की तथा जुआ खेलने में इस्तेमाल अन्य सामानों के बारे में भी जानकारी जुटाई।

पकड़े गए 12 आरोपियों में —
मुकेश पिता कचरू सरपोटा (सुवारो का डूंगरा), इरफान पिता आबिद हुसैन, रशीद पिता दाद मोहम्मद, हितेश पिता रामचंद्र डामोर, पंकज पिता मनोज भगोरिया, नरेश पिता सोमा खाट, अरविंद पिता रामलाल सुवारा, मानशंकर पिता रमेश सरपोटा, रमण पिता सोमा भागरिया, एकिंग पिता हमीरा परमार (परमारवाड़ा), राजू पिता लाला सुवारा और मोहसिन पिता मुन्नेवर—सभी को आवश्यक कार्रवाई हेतु पुलिस थाना सागवाड़ा में सुपुर्द किया गया।

जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (IPS) द्वारा चलाए जा रहे अभियान का उद्देश्य जिले में अवैध जुआ-सट्टा, मादक पदार्थों की सप्लाई और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करना है। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत 8690180022 नंबर पर सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम और पहचान पुलिस द्वारा पूर्ण रूप से गोपनीय रखी जाएगी।

यह कार्रवाई पुलिस की सक्रियता, टीम वर्क और सतर्कता का स्पष्ट प्रमाण है, जिससे क्षेत्र में अपराधियों में खौफ और आमजन में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है।

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