डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़ में समस्त क्षत्रिय समाज द्वारा मेवाड़ के भीष्म पितामह माने जाने वाले सत्यव्रत रावत चुंडा जी की 648वीं जयंती श्रद्धा और परंपरागत विधि-विधान के साथ मनाई गई। यह आयोजन माघ शुक्ल अष्टमी (भीमाष्टमी) के पावन अवसर पर सम्पन्न हुआ, जिसमें कुलदेवी बायण माता के मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
25 जनवरी 2026 की सायंकाल बाण माता मंदिर परिसर में रात्रि जागरण रखा गया। इस दौरान माता जी का विशेष श्रृंगार, धूप-दीप, पोशाक एवं फूल-बात पूजा सम्पन्न कराई गई। इस धार्मिक आयोजन में कान सिंह सुवावा, चावण्ड सिंह दातड़ा, शिवपाल सिंह झालरा, प्रहलाद सिंह चुंडावत और रणजीत सिंह सुवावा ने प्रमुख रूप से पूजा व्यवस्थाएँ संभालीं। श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा से उपस्थित रहकर माता जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
अगले दिन 26 जनवरी 2026 को प्रातःकाल हवन यज्ञ एवं बाल भोग पूजा का आयोजन हुआ। हवन में भूपेंद्र सिंह झालरा, भंवर सिंह नेतावलगढ़ पाछली, कान सिंह सुहावा और शिवपाल सिंह झालरा सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूर्णाहुति बाण माता मंदिर के पुजारी मुकेश जी पालीवाल द्वारा दी गई, जबकि हवन विधि पंडित अरविंद भट्ट ने सम्पन्न कराई।
जयंती समारोह के उपलक्ष्य में चुंडा स्मृति संस्थान मेवाड़ के तत्वाधान में जौहर भवन, चित्तौड़गढ़ में श्रद्धांजलि कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि रावत यशवर्धन सिंह बस्सी रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में कर्नल रणधीर सिंह बस्सी उपस्थित थे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता लोकेंद्र सिंह ज्ञानगढ़ सहित कई गणमान्य जन मौजूद रहे। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से आए समाजबंधुओं ने सत्यव्रत रावत चुंडा जी के योगदान को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
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