उदयपुर श्री सम्मेद शिखर पंच तीर्थ यात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न, अयोध्या दर्शन उपरांत उदयपुर वापसी

श्री सम्मेद शिखर पंच तीर्थ यात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न, अयोध्या दर्शन उपरांत उदयपुर वापसी

डीएस सेवन न्यूज़ उदयपुर.महावीर नवयुवक मंडल, सुंदरवास (उदयपुर) के तत्वावधान में आयोजित श्री सम्मेद शिखर पंच तीर्थ एवं सनातन धर्म यात्रा दिनांक 03 जनवरी 2026 को पूर्ण श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस 11 दिवसीय भव्य धार्मिक यात्रा में लगभग 350 श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिन्होंने जैन एवं सनातन परंपरा के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।


यात्रा का शुभारंभ उदयपुर से ट्रेन द्वारा हुआ, जिसके पश्चात पाटलिपुत्र से बसों के माध्यम से श्रद्धालु श्री सम्मेद शिखरजी पहुँचे। वहाँ दर्शन-पूजन के बाद यात्रा क्रमशः रिजुबालिका तीर्थ, लछवाड़जी, काकंदी तीर्थ, गुणियाजी, राजगीर तीर्थ, पावापुरी तीर्थ, नालंदा एवं कुंडलपुर तीर्थ से होते हुए आगे बढ़ी। नववर्ष के अवसर पर यात्रा दल वाराणसी पहुँचा, जहाँ श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। साथ ही काशी के कोतवाल काल भैरव के दर्शन किए गए तथा जैन समाज के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ की जन्मभूमि पर पहुंचकर श्रद्धा अर्पित की गई।


वाराणसी से आगे बढ़ते हुए यात्रा दल भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या पहुँचा। अयोध्या न केवल मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मस्थली है, बल्कि जैन धर्म के पाँच तीर्थंकरों—प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव, द्वितीय तीर्थंकर भगवान अजीतनाथ, चतुर्थ तीर्थंकर भगवान अभिनंदन स्वामी, पंचम तीर्थंकर भगवान सुमतिनाथ तथा चौदहवें तीर्थंकर भगवान अनंतनाथ—की भी पावन जन्मभूमि है। यात्रियों ने अयोध्या में विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन कर आध्यात्मिक शांति एवं ऊर्जा का अनुभव किया।


महावीर नवयुवक मंडल के सचिव श्री भूपेश खमेसरा ने जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा के दौरान अनुशासन, समयबद्धता और यात्रियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया। वरिष्ठजनों एवं यात्रियों के स्वास्थ्य की नियमित देखरेख की गई तथा आवश्यकतानुसार दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई, जिससे पूरी यात्रा सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संचालित रही।


मंडल के सांस्कृतिक मंत्री श्री महावीर वया ने बताया कि यात्रा के दौरान लगातार 10 दिनों तक सभी यात्री एक परिवार की तरह साथ रहे। प्रतिदिन ढोल-नगाड़ों के साथ भजन, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित की गईं, जिससे वातावरण भक्तिमय और आनंदपूर्ण बना रहा। मंडल की सुव्यवस्थित कैटरिंग व्यवस्था द्वारा यात्रियों को शुद्ध, सात्विक एवं स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराया गया। पावापुरी में प्रसिद्ध भक्ति गायक विक्की डी. पारिक द्वारा प्रस्तुत भजनों ने यात्रियों को भाव-विभोर कर दिया।

यात्रा संयोजक श्री आशुतोष धींग ने बताया कि आवास व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और समय प्रबंधन पर विशेष फोकस रखा गया, जिसकी यात्रियों ने खुले मन से सराहना की। इस पूरी व्यवस्था में लोकेश कोठारी, आयुष भानावत एवं पीयूष झगड़ावत का उल्लेखनीय सहयोग रहा, जिसके लिए महावीर नवयुवक मंडल परिवार ने उनका आभार व्यक्त किया।

संपूर्ण यात्रा पूर्ण कर सभी यात्री 03 जनवरी 2026 को उदयपुर के राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन पहुँचे। यहाँ ढोल-नगाड़ों की गूंज, पुष्पवर्षा और पारंपरिक आत्मीय स्वागत के साथ यात्रियों का भव्य अभिनंदन किया गया। मंडल के अध्यक्ष श्री प्रवीण नाहर एवं उनकी टीम ने सभी यात्रियों की कुशलक्षेम पूछते हुए यात्रा की सफलता और सभी के उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामनाएँ प्रेषित कीं। यह यात्रा धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और संगठन की उत्कृष्ट कार्यशैली का जीवंत उदाहरण बनी।

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