चित्तौड़गढ़ उद्योगों का धुआँ चित्तौड़गढ़ वाले सहे, नौकरी भी यहीं के युवाओं को मिले — सदन में उठी जोरदार मांग

चित्तौड़गढ़ उद्योगों का प्रदूषण स्थानीय झेलें, रोजगार भी यहीं के युवाओं को मिले — विधायक आक्या

डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़। जिले में संचालित बड़े उद्योगों में स्थानीय युवाओं की अनदेखी का मुद्दा एक बार फिर विधानसभा में जोरदार तरीके से उठा। चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान अपने क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखते हुए कहा कि जिन फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषण का असर स्थानीय लोग सहन कर रहे हैं, उन उद्योगों में नौकरी का प्राथमिक अधिकार भी यहीं के युवाओं को मिलना चाहिए।

विधायक आक्या ने अपने वक्तव्य की शुरुआत राज्य की वर्तमान सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल को उपलब्धियों से भरा बताते हुए की। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की नीतियों के चलते विकास कार्यों में तेजी आई है और योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभाव दिखा रही हैं। उन्होंने किसानों की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बार अच्छी वर्षा और दिन के समय बिजली उपलब्ध होने से कृषि कार्य सुगम हुए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार सेवा, सुशासन और समर्पण की भावना के साथ काम कर रही है तथा 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की जा रही हैं। युवाओं के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बीते समय में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों से निराशा का माहौल बना था, लेकिन अब भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाई गई है। पिछले दो वर्षों में बड़ी संख्या में भर्तियां पूरी हुई हैं और आगे भी रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे अभियानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विधायक आक्या ने जल संसाधनों से जुड़े विषय पर भी बात रखते हुए कहा कि भविष्य में राज्य को अतिरिक्त जल उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य हो रहे हैं, जिससे सिंचाई और पेयजल की स्थिति मजबूत होगी। ग्रामीण रोजगार योजनाओं में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं लोगों को काम के साथ स्थायी लाभ भी दें।

किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए विधायक ने हाल में हुई ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की जानकारी सदन में दी। उन्होंने कहा कि कई गांवों में खड़ी और कटी फसलों को क्षति पहुंची है, इसलिए शीघ्र गिरदावरी कराकर प्रभावित किसानों को राहत दी जानी चाहिए। साथ ही शिक्षकों के लंबित स्थानांतरण जैसे मुद्दों पर भी ध्यान दिलाया।

अपने क्षेत्र के औद्योगिक विकास पर बोलते हुए आक्या ने कहा कि चित्तौड़गढ़ जिले में सीमेंट और धातु उद्योगों की बड़ी इकाइयां कार्यरत हैं, जिनसे रोजगार की उम्मीद रहती है। लेकिन वास्तविकता यह है कि आसपास के गांवों के युवा पर्याप्त अवसर नहीं पा रहे। उन्होंने कहा कि इन उद्योगों से निकलने वाला धूल-धुआं और पर्यावरणीय प्रभाव स्थानीय लोगों के जीवन पर असर डालता है, इसलिए रोजगार में भी स्थानीय प्राथमिकता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से इस संबंध में ठोस नीति या कानून बनाने की मांग रखी, ताकि क्षेत्र के युवाओं को न्याय मिल सके।

अंत में विधायक ने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कृषि, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय हितों से जुड़े विषयों पर प्राथमिकता से निर्णय लिए जाएं, ताकि क्षेत्र का संतुलित और स्थायी विकास संभव हो 

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