चित्तौड़गढ़ सावा में अवैध गैस भंडारण पर बड़ी कार्रवाई: 12 सिलेंडर और रिफिलिंग मोटर जब्त, 2 पर मामला दर्ज

सावा में अवैध घरेलू गैस भंडारण का खुलासा, 12 सिलेंडर और रिफिलिंग उपकरण जब्त; दो लोगों पर मामला दर्ज
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डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़। जिले में घरेलू गैस के अवैध भंडारण और दुरुपयोग को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिला कलक्टर आलोक रंजन के निर्देश पर प्रशासन, रसद विभाग और पुलिस के संयुक्त प्रयास से बनाई गई जिला सतर्कता टीम लगातार गैस एजेंसियों और संदिग्ध स्थानों की निगरानी कर रही है। इसी क्रम में चित्तौड़गढ़ उपखंड के सावा गांव में शिकायत मिलने पर टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रखे गैस सिलेंडर और रिफिलिंग से जुड़ा सामान जब्त किया।

जांच के दौरान टीम ने नारायण लाल तेली की किराना दुकान पर छापा मारा, जहां घरेलू गैस सिलेंडरों का अनधिकृत भंडारण पाया गया। यहां से 7 घरेलू गैस सिलेंडर, 1 व्यावसायिक गैस सिलेंडर तथा पाइप सहित रिफिलिंग मोटर बरामद की गई। इसी कार्रवाई के तहत गिरधारी लाल तेली के घर की तलाशी लेने पर वहां से भी 5 घरेलू गैस सिलेंडर और रिफिलिंग मोटर पाइप सहित जब्त किए गए। दोनों मामलों में गैस सिलेंडरों के अवैध उपयोग और भंडारण को गंभीर मानते हुए शंभूपुरा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई है।

जिला सतर्कता टीम ने केवल सावा में ही नहीं बल्कि जिले के अन्य उपखंडों में भी निरीक्षण अभियान चलाया। चित्तौड़गढ़, भदेसर, बड़ीसादड़ी, रावतभाटा, गंगरार, कपासन, बेगूं, निम्बाहेड़ा और डूंगला क्षेत्र में संचालित गैस एजेंसियों का दौरा कर वहां मौजूद गैस स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया। अधिकारियों ने एजेंसियों को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार उपभोक्ताओं तक समय पर गैस सिलेंडर पहुंचाने के निर्देश भी दिए।

प्रशासन के अनुसार जिले में वर्तमान में 28 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से 3 लाख 85 हजार 680 सक्रिय घरेलू गैस कनेक्शन उपभोक्ताओं को सेवा मिल रही है। फिलहाल जिले में 15 हजार 840 घरेलू गैस सिलेंडर वितरण के लिए उपलब्ध बताए गए हैं, जिससे सामान्य आपूर्ति बनाए रखने की बात कही गई है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गैस की कमी जैसी स्थिति नहीं है और उपभोक्ता निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन बुकिंग कर सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। एक सिलेंडर प्राप्त करने के 25 दिन बाद उपभोक्ता दोबारा बुकिंग कर सकते हैं। ऑनलाइन बुकिंग के बाद ओटीपी प्रक्रिया के माध्यम से सिलेंडर वितरण की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।

साथ ही प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गैस आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों से दूर रहें। वर्तमान में 19 किलोग्राम के व्यावसायिक गैस सिलेंडर जरूरत के अनुसार मुख्य रूप से अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

एलपीजी से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए जिला स्तर पर 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय किया गया है। नागरिक जिला प्रशासन के कंट्रोल नंबर 01472-240951, खाद्य विभाग की हेल्पलाइन 14435 तथा पुलिस कंट्रोल नंबर 112 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

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