जीते-जी खुद की तेरहवीं! या राकेश यादव ने छपवाए कार्ड 1900 लोगों को दिया न्योता

डीएस सेवन न्यूज उत्तर प्रदेश के औरैया में एक भावुक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक बुजुर्ग ने अपनों को खोने के बाद, खुद के अंतिम संस्कारों की चिंता में जीते जी तेरहवीं का आयोजन कर सबको चौंका दिया है.

लक्ष्मणपुर गांव के राकेश यादव, स्वर्गीय हरवंश यादव के सबसे बड़े पुत्र हैं. उनके दो छोटे भाइयों में से एक की बीमारी से मौत हो गई और दूसरे की हत्या कर दी गई. परिवार में आई इन त्रासदियों के बाद राकेश बिल्कुल अकेले रह गए. अविवाहित होने के कारण उन्हें डर था कि उनके निधन के बाद कोई रीति-रिवाज निभाने वाला नहीं बचेगा, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया.

राकेश यादव ने अपनी तेरहवीं के लिए बाकायदा कार्ड छपवाए और गांव-क्षेत्र के करीब 1900 लोगों को आमंत्रित किया. उनका कहना है कि मरने के बाद पता नहीं कोई भंडारा करे या न करे, इसलिए वह अपने हाथों से सबको भोज कराना चाहते हैं. इस अनोखे निमंत्रण पत्र को देखकर इलाके में हर कोई हैरान है और यह कार्ड सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

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