छोटे बच्चों में थकान, सिरदर्द, उल्टी, चक्कर और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता गहराती जा रही है। शहर में दो पारियों में संचालित हो रहे स्कूलों ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। सुबह की पारी में जहां बड़े विद्यार्थी आते हैं, वहीं दोपहर की भीषण गर्मी में पहली से आठवीं तक के छोटे बच्चों को स्कूल पहुंचना पड़ रहा है।
प्रदेश के कई जिलों में हालात को देखते हुए स्कूल समय में बदलाव किया जा चुका है, लेकिन उदयपुर में अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। शिक्षक संघ और अभिभावक लगातार मांग उठा रहे हैं, फिर भी प्रशासन की ओर से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।
अभिभावकों का साफ कहना है कि बच्चों की सेहत किसी भी व्यवस्था से ज्यादा महत्वपूर्ण है। यदि जल्द ही स्कूल समय में बदलाव नहीं किया गया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में प्रशासन को तुरंत निर्णय लेकर राहत प्रदान करनी चाहिए, ताकि बच्चों को इस भीषण गर्मी से बचाया जा सके।