ईडाणा माता ने किया अग्नि स्नान, भक्तों ने देखी अलौकिक लीला
उदयपुर। उदयपुर से लगभग 60 किलोमीटर दूर सलूम्बर जिले में स्थित मेवल की महारानी ईडाणा माता ने एक बार फिर अग्नि स्नान कर अपनी चमत्कारी शक्ति का प्रमाण दिया। कुराबड़-बम्बोरा मार्ग पर स्थित इस प्राचीन शक्ति पीठ में माता के अग्नि स्नान की घटना को देखने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु जुटे।
क्या है ईडाणा माता का अग्नि स्नान?
ईडाणा माता के अग्नि स्नान को लेकर कोई निश्चित दिन या समय तय नहीं है। मान्यता है कि जब माता प्रसन्न होती हैं, तो वे स्वयं अग्नि स्नान करती हैं। यह चमत्कारिक घटना वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी हुई है। अग्नि के बीच से माता की प्रतिमा का सुरक्षित रहना भक्तों के लिए किसी अलौकिक चमत्कार से कम नहीं है।
भक्तों की उमड़ी भीड़
माता के अग्नि स्नान की खबर मिलते ही आस-पास के गाँवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने माता की जय-जयकार करते हुए दर्शन किए और अपनी मनोकामनाएँ पूर्ण होने की प्रार्थना की।
मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
ईडाणा माता का यह प्राचीन मंदिर शक्तिपीठों में विशेष स्थान रखता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई हर प्रार्थना अवश्य पूरी होती है।
DS7 News Network