मानसून की दस्तक के साथ ही राणा प्रताप सागर बांध छलकने की कगार पर
पल्लवी राणावत, रावतभाटा
रावतभाटा। मानसून की एंट्री के साथ ही राणा प्रताप सागर बांध अपनी पूर्ण भराव क्षमता के करीब पहुंच गया है। बांध के कैचमेंट एरिया में पिछले 24 घंटों में हुई 52.40 मिलीमीटर की भारी बारिश ने जलस्तर को एक फीट तक बढ़ा दिया है। वर्तमान में बांध का जलस्तर 1156.09 फीट पर पहुंच गया है, जबकि इसकी अधिकतम भराव क्षमता 1157.50 फीट है। यानी, बांध अब अपनी पूरी क्षमता से महज डेढ़ फीट नीचे है।
गांधी सागर से पानी छोड़े जाने का असर
मानसून से पहले ही गांधी सागर बांध से छोड़े गए पानी के कारण राणा प्रताप सागर बांध का स्तर पहले से ही बढ़ा हुआ था। 9 मई को बांध का जलस्तर 1140 फीट था, जो गांधी सागर से आए पानी के बाद महज 5 दिनों में 1155 फीट तक पहुंच गया था। अब मानसूनी बारिश ने इसे और ऊपर धकेल दिया है।
बिजली उत्पादन शुरू, निगरानी तेज
बांध में पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए पनबिजली घर से विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया गया है। बांध से 2,919 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि 8,848 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है। जल संसाधन विभाग के इंजीनियर नियंत्रण कक्ष से लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
रिमझिम से लेकर तेज बारिश का दौर
रात 9 बजे से अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, जो सुबह तक रिमझिम और कभी मूसलाधार रूप में जारी रही। अब तक बांध क्षेत्र में 142.20 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है।
जवाहर सागर बांध की स्थिति
जवाहर सागर बांध का जलस्तर 975 फीट (अधिकतम क्षमता 980 फीट) पर बना हुआ है। यहां 3,801 क्यूसेक पानी की आवक हुई, जिसे पनबिजली उत्पादन के बाद छोड़ा जा रहा है। पिछले 24 घंटों में यहां 18 मिमी बारिश दर्ज की गई।
रिपोर्ट: DS7NEWS NETWORK
रावतभाटा से (रिपोर्ट पल्लवी राणावत)
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