डूंगला की ममता माली 2500 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, 'लखपति दीदी' योजना में घोटाला हुआ बेपर्दा

चित्तौड़गढ़ के डूंगला में ACB की बड़ी कार्रवाई: "लखपति दीदी" और "पशु सखी योजना" में रिश्वत लेते राजीविका की महिला संविदाकर्मी रंगे हाथों गिरफ्तार
डीएस 7 न्यूज जिले के डूंगला ब्लॉक से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को एक महिला संविदाकर्मी को 2500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार की गई महिला ममता माली डूंगला के राजीविका विभाग में ब्लॉक परियोजना प्रबंधक (बीपीएम) के पद पर कार्यरत थी। उस पर आरोप है कि उसने एक महिला लाभार्थी से “लखपति दीदी योजना” और “पशु सखी योजना” में उसका नाम बनाए रखने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।

ACB को इस मामले की शिकायत मिलने के बाद उदयपुर रेंज के उप महानिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल के सुपरविजन और चित्तौड़गढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। योजना के तहत जाल बिछाया गया और जैसे ही ममता माली ने लाभार्थी से 2500 रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे डूंगला स्थित राजीविका कार्यालय में रंगे हाथों पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद ACB की टीम मौके पर दस्तावेजों की जांच और आगे की पूछताछ में जुट गई है। टीम अभी भी डूंगला में मौजूद है और भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

क्या है “लखपति दीदी” और “पशु सखी” योजना?
"लखपति दीदी योजना" का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना और उन्हें उद्यमिता की ट्रेनिंग देना है, ताकि वे एक साल में लाखों की आय अर्जित कर सकें। वहीं "पशु सखी योजना" में महिलाओं को पशुपालन व पशु चिकित्सा से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे गांवों में पशुओं की देखभाल कर आय का स्रोत बना सकें।

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