उदयपुर फाइल्स की रिलीज पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला: केंद्र को जल्द निर्णय लेने का निर्देश
डीएस सेवन उदयपुर, बहुचर्चित फिल्म 'उदयपुर फाइल्स: कन्हैया लाल दर्जी हत्याकांड' की रिलीज पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई को 21 जुलाई तक के लिए टाल दिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा गठित समिति को निर्देश दिया कि वह फिल्म के प्रमाणन और रिलीज से संबंधित सभी आपत्तियों पर तत्काल फैसला ले।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस सूर्या कांत और जस्टिस जोयमाला बागची शामिल थे, ने सभी पक्षकारों को निर्देश दिया कि वे केंद्र सरकार की समिति के समक्ष अपनी बात रखें। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि कन्हैया लाल हत्याकांड के आरोपी मोहम्मद जावेद को भी उनके वकील के माध्यम से समिति के सामने अपनी दलीलें पेश करने की अनुमति दी जाए।
फिल्म के प्रोड्यूसर्स ने दिल्ली हाईकोर्ट के 10 जुलाई के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी गई थी। याचिकाकर्ताओं, जिसमें जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी शामिल हैं, का दावा है कि फिल्म का ट्रेलर सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ सकता है और यह मुस्लिम समुदाय को बदनाम करता है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी नोट किया कि फिल्म के निर्माताओं और कन्हैया लाल के परिवार को धमकियां मिल रही हैं। कोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे खतरे का आकलन करें और आवश्यक सुरक्षा प्रदान करें।
फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' 2022 में उदयपुर के दर्जी कन्हैया लाल की निर्मम हत्या पर आधारित है, जिसे मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस ने कथित तौर पर अंजाम दिया था। यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के पास जांच के लिए है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की समिति से कहा कि वह आज दोपहर 2:30 बजे होने वाली सुनवाई में सभी पक्षों को सुनने के बाद तुरंत फैसला ले। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।
स्रोत: सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही और समाचार एजेंसी ANI
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