निंबाहेड़ा बिनोता नाग पंचमी 29 जुलाई को बिनोता खाकलदेव मंदिर में चमत्कारों व आस्था के लिए प्रसिद्ध है मंदिर

डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़ के बिनोता खाकलदेव मंदिर में नाग पंचमी पर भव्य आयोजन, श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र
बिनोता। चित्तौड़गढ़ जिले के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक, बिनोता खाकलदेव मंदिर, में मंगलवार, 29 जुलाई को नाग पंचमी का पर्व भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह मंदिर न केवल अपने धार्मिक महत्व के लिए बल्कि सांप के काटने से पीड़ित लोगों के लिए चमत्कारी उपचार के केंद्र के रूप में भी विख्यात है। स्थानीय लोगों और आसपास के क्षेत्रों में इस मंदिर के प्रति गहरी आस्था है, और सालों से यह श्रद्धालुओं का प्रमुख तीर्थ स्थल रहा है।

खाकलदेव विकास कमेटी के सचिव अनिल शर्मा और सदस्य प्रकाश मुनेत ने बताया कि मंदिर परिसर और धर्मशाला को नाग पंचमी के लिए विशेष रूप से सजाया गया है। रंग-बिरंगे गुलाब के फूलों, बलून डेकोरेशन और आकर्षक विद्युत सज्जा से मंदिर का नजारा मनमोहक बनाया गया है। कमेटी अध्यक्ष गजराज सिंह शक्तावत की उपस्थिति में सुबह 10:15 बजे नाग पंचमी का विशेष हवन और पूजन होगा, जिसमें नागराज सहित मंदिर की सभी प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना की जाएगी। पूजन के बाद भक्तों को मोहन भोग का प्रसाद वितरित किया जाएगा।

मंदिर की खासियत यह है कि सांप के काटने पर लोग यहां आस्था के साथ आते हैं। मान्यता है कि नागराज की कृपा और विशेष पूजन से सांप के जहर का असर खत्म हो जाता है, और कई लोग यहां से स्वस्थ होकर लौटते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मंदिर में कई चमत्कार देखने को मिले हैं, जिसके कारण यह आसपास के क्षेत्रों में अत्यंत प्रसिद्ध है।
नाग पंचमी के अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जो अपनी मनोकामनाओं और आस्था के साथ यहां पहुंचते हैं। इस दिन मंदिर का माहौल भक्ति और उत्सव से सराबोर रहता है। शाम को मंदिर परिसर में "एक शाम बिनोता खाकलदेव के नाम" भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें भक्त भक्ति भजनों के माध्यम से नागराज की आराधना करेंगे।
यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय समुदाय को एकजुट करने और आध्यात्मिक माहौल को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे इस पवित्र अवसर पर मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना में शामिल हों और आशीर्वाद प्राप्त करें।
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