स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत प्रतापगढ़ में हरे पेड़ों की कटाई, सौंदर्यकरण कार्यों पर सवाल
डीएस सेवन न्यूज़ प्रतापगढ़। शहर में सौंदर्यकरण एवं स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत नगर परिषद द्वारा विभिन्न पार्कों में वर्षों पुराने हरे पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। जिला कलेक्टर रोड स्थित नवनिर्मित पार्कों में पुराने पेड़ काटकर नए निर्माण कार्य प्रारंभ किए गए हैं। पार्कों को आमजन के लिए खोलने के बजाय उनमें पुनः कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे हरियाली कम होने पर नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है।
आरटीओ पार्क, जिसे बच्चों के लिए विकसित किया गया था, का अभी तक उद्घाटन नहीं हुआ है। इसी पार्क में बीच में घंटाघर निर्माण कार्य शुरू किया गया, जिसके चलते पाँच पेड़ों को काटा गया बताया जा रहा है। पार्क के मुख्य द्वार पर गुमटियाँ रखकर प्रवेश बंद कर दिया गया, जबकि मलबा डालकर छोटे गेट भी बंद कर दिए गए हैं।
शहर के मध्य स्थित टैगोर पार्क में भी पुरानी दीवार तोड़कर नई दीवार बनाई जा रही है। दीवार निर्माण के दौरान पेड़ हटाए गए। उपयोग में लाया गया अधिकतर मटेरियल पुरानी दीवार से ही निकाला गया, जबकि निर्माण स्थल पर कार्य संबंधी कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है। शहर में चल रहे अधिकांश विकास कार्यों में भी सूचना बोर्ड न लगाए जाने को लेकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
नगर परिषद आयुक्त (अतिरिक्त प्रभार) जितेंद्र कुमार मीणा एवं तहसीलदार रामेश्वर लाल रेगर ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
कनिष्ठ अभियंता दुलीचंद ने बताया कि पेड़ों की कटाई सफाई निरीक्षक द्वारा कराई गई होगी, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद द्वारा किए जाने वाले निर्माण कार्यों पर सूचना बोर्ड लगाना नियम में नहीं है, केवल शिलान्यास एवं उद्घाटन पट्टिका लगाई जाती है।
वहीं सफाई निरीक्षक विशाल चैनल ने कहा कि उनका कार्य केवल छटाई व देखरेख तक सीमित है, निर्माण के दौरान पेड़ काटे जाने की जानकारी उन्हें नहीं है।
नागरिकों का कहना है कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए, अन्यथा शहर की हरियाली प्रभावित हो सकती है।
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