चित्तौड़गढ़ काटुन्दा मोड़ ट्रैक्टर–ट्रॉली चोरी का पर्दाफाश: पारसोली पुलिस ने2 बदमाशों को दबोचा, चोरी की ट्रॉली बरामद”

ट्रैक्टर–ट्रॉली चोरी का खुलासा: पारसोली पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा, चोरी का वाहन बरामद
डीएस सेवन न्यूज़ चित्तौड़गढ़। पारसोली थाना क्षेत्र में काटुन्दा मोड़ पर हुई ट्रैक्टर–ट्रॉली चोरी की वारदात का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी किया हुआ ट्रैक्टर–ट्रॉली बरामद कर लिया है। यह मामला 30 अक्टूबर की रात का है, जब कमलेश पुत्र उदयलाल मेवाड़ा के स्वराज ट्रैक्टर और ट्रॉली को कोई अज्ञात व्यक्ति चुरा ले गया था। अगले ही दिन पीड़ित द्वारा थाने में प्रकरण दर्ज करवाया गया, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि इस चोरी की वारदात के खुलासे के लिए एएसपी रावतभाटा भगवत सिंह के निर्देशन और डीएसपी बेगूं अंजलि सिंह के सुपरविजन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम का नेतृत्व थानाधिकारी पारसोली शिवराज राव ने किया। इस टीम में एएसआई रामदयाल, कांस्टेबल सोनाराम, ललित सिंह, विजय सिंह और रघुवीर सहित साइबर सेल के हैड कांस्टेबल राजकुमार, कांस्टेबल राजेश कुमार, रामावतार और गणपत को शामिल किया गया था।

टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का संकलन किया, जिसमें सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन भी शामिल था। साइबर विशेषज्ञों से प्राप्त तकनीकी सहायता और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने चोरी में शामिल लोगों की पहचान करने के प्रयास तेज किए। इसी प्रक्रिया में पुलिस ने दो युवकों पर शक गहराया और बाद में जांच के आधार पर उन्हें चिन्हित किया गया।

चिन्हित आरोपियों में 24 वर्षीय प्रकाशचंद्र कीर पुत्र बद्रीलाल कीर, निवासी रामनगर थाना बिगोद, जिला भीलवाड़ा और 22 वर्षीय कमलेश कुमार पुत्र लालूराम जाट, निवासी माताजी खेड़ा थाना बिगोद, जिला भीलवाड़ा शामिल हैं। पुलिस टीम ने दोनों को डिटेन कर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों ने ट्रैक्टर–ट्रॉली चोरी करने की बात स्वीकार की और बताया कि चोरी के बाद वाहन ट्रॉली को प्रकाश कीर के बाड़े में छिपाकर रखा गया था।

पुलिस ने बताए गए स्थान से चोरी की ट्रॉली बरामद की। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस रिमांड प्राप्त हुआ। पुलिस आरोपियों से अब अन्य संपत्ति संबंधित अपराधों के बारे में भी गहन पूछताछ कर रही है।

जांच टीम का कहना है कि आरोपी वारदात के बाद वाहन को छिपाकर रखते थे ताकि कुछ समय बाद उसे हटाया जा सके। पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे और भी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। इस कार्रवाई में तकनीकी जांच और समय पर प्राप्त सूचना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पारसोली पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण के खुलासे के बाद क्षेत्र में लोगों में भरोसा बढ़ा है, क्योंकि हाल ही में इस तरह की वारदातों से ग्रामीण क्षेत्र के लोग चिंतित थे। पुलिस का यह प्रयास चोरी के मामलों पर रोक लगाने में सहायक साबित होगा।


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