भीलवाड़ा दिल दहला देने वाली घटना से सहमा पूरा मांडलगढ़ क्षेत्र, माँ ने दो मासूम बच्चों की बेरहमी से ली जान।

मांडलगढ़ में हृदय विदारक घटना, माँ ने अपने ही दो मासूम बच्चों की हत्या की
डीएस सेवनभीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के मानपुरा गांव में रविवार को सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया। इस घटना ने न केवल गांव बल्कि आसपास के इलाकों में भी भय और शोक का माहौल पैदा कर दिया। एक माँ द्वारा अपने ही दो मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या किए जाने की खबर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना समाज, परिवार और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला संजू ने अपने बेटे और बेटी पर लोहे के सरिए और धारदार दंथली से ताबड़तोड़ वार किए। हमले में दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। मृत बच्चों की पहचान बेटी नेहा और बेटे भैरू के रूप में हुई है। मासूमों की दर्दनाक मौत की खबर फैलते ही गांव में कोहराम मच गया। ग्रामीण स्तब्ध रह गए और किसी को भी यह विश्वास नहीं हो पा रहा था कि एक माँ अपने ही बच्चों के साथ ऐसा अमानवीय कृत्य कर सकती है।

बताया जा रहा है कि संजू, टेंट कारोबारी राजू तेली की पत्नी है। उसने टेंट लगाने में काम आने वाले लोहे के सरिए का इस्तेमाल कर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। घटना को अंजाम देने के बाद महिला ने स्वयं भी जहर खा लिया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसकी हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल वह चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती है और उसका इलाज जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही मांडलगढ़ सीओ बाबूलाल बिश्नोई सहित थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, ताकि हर तकनीकी पहलू से जांच की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी सावधानी और संवेदनशीलता के साथ की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में महिला के मानसिक तनाव में होने की बात सामने आ रही है, हालांकि पुलिस का कहना है कि वास्तविक कारणों का खुलासा महिला के होश में आने और पूछताछ के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल प्रशासन इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है और किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।
इस दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को शोक और दहशत में डाल दिया है। लोग गहरे सदमे में हैं और बार-बार यही सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसी स्थिति कैसे पैदा हुई। यह घटना समाज में मानसिक तनाव, पारिवारिक दबाव और समय पर मानसिक स्वास्थ्य सहायता की आवश्यकता को उजागर करती है। मासूम बच्चों की इस दुखद मौत ने हर संवेदनशील व्यक्ति की आंखें नम कर दी हैं और पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।

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