चित्तौड़गढ़ गंगरार एक बार फिर फर्जी डिग्री को लेकर सुर्खियों में गंगरार यूनिवर्सिटीप्राध्यापक भर्ती में महिला अभ्यर्थी को दी एमए हिंदी की फर्जी डिग्री, गिरफ्तार।

फर्जी डिग्री रैकेट का भंडाफोड़: गंगरार की मेवाड़ यूनिवर्सिटी फिर विवादों में, SOG ने आरोपी दबोचा
डीएस सेवन न्यूज जयपुर चित्तौड़गढ़ राजस्थान में एक बार फिर फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों का बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार स्थित मेवाड़ यूनिवर्सिटी का नाम सुर्खियों में आ गया है। राजस्थान लोक सेवा आयोग की प्राध्यापक (हिंदी) स्कूल शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा में एक महिला अभ्यर्थी को फर्जी एमए हिंदी की डिग्री उपलब्ध करवाने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि भीलवाड़ा निवासी ध्वजकीर्ति शर्मा को इस गंभीर फर्जीवाड़े के आरोप में हिरासत में लिया गया है। आरोपी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के डीन और रजिस्ट्रार के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर एमए (हिंदी) की नकली डिग्री तैयार की थी, जिसे महिला अभ्यर्थी कमला कुमारी ने परीक्षा में पात्रता के लिए प्रस्तुत किया।

मामले का खुलासा तब हुआ जब आरपीएससी द्वारा दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया के दौरान डिग्री संदिग्ध पाई गई। गहन जांच में यह पूरी तरह फर्जी साबित हुई, जिसके बाद सिविल लाइंस थाना में मुकदमा दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच के बाद केस को एसओजी को सौंपा गया, जहां तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई गई।

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से फर्जी डिग्रियों का नेटवर्क संचालित कर रहा था और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को अवैध रूप से लाभ पहुंचा रहा था। इस गिरफ्तारी के बाद अब पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित लाभार्थियों की भी तलाश तेज कर दी गई है।

फिलहाल एसओजी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल हैं तथा कितने अभ्यर्थियों को ऐसी नकली डिग्रियां दी गई हैं। वहीं, इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post