डूंगरपुर में ACB का बड़ा ट्रैप: ASI और पूर्व पार्षद ₹1 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
डीएस सेवन न्यूज डूंगरपुर/जयपुर, 5 मई 2026। राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने डूंगरपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) और उसके दलाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसीबी मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर डूंगरपुर इकाई ने यह ट्रैप कार्रवाई अंजाम दी। एसीबी के अनुसार, आरोपी सहायक उपनिरीक्षक मदनलाल, जो साइबर पुलिस थाना डूंगरपुर में तैनात था, ने एक परिवादी को गंभीर कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर रिश्वत की मांग की थी। आरोप है कि उसने परिवादी, उसकी बेटी और दामाद को धोखाधड़ी के मामले में फंसाने की धमकी दी और उनसे मामला हल्का करने तथा नाम हटाने के बदले पैसे मांगे।
इस पूरे खेल में पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार ने बिचौलिये की भूमिका निभाई। उसने आरोपी पुलिसकर्मी की ओर से परिवादी से संपर्क कर ₹1 लाख की रिश्वत तय करवाई। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पहले मामले का सत्यापन किया और फिर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया।
उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन और पुलिस उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए डायालाल पाटीदार को रिश्वत की रकम लेते हुए दबोच लिया। इसके तुरंत बाद सहायक उपनिरीक्षक मदनलाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है। वहीं, एडीजी स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस. परिमला के सुपरविजन में आगे की जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई से साफ है कि एसीबी भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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