चित्तौड़गढ़ में मंदिर चोर गैंग का बड़ा खुलासा: जैन मंदिर से चोरी हुई अष्टधातु मूर्तियां बरामद, 5 आरोपी गिरफ्तार
डीएस सेवन न्यूज चित्तौड़गढ़ शहर में पिछले दिनों लगातार मंदिरों में हुई चोरी की वारदातों का पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए अंतरजिला चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 4 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। सबसे बड़ी सफलता दुर्ग स्थित जैन मंदिर से चोरी हुई भगवान शांतिनाथ और भगवान महावीर स्वामी की अष्टधातु मूर्तियों एवं आभामंडलों की बरामदगी को माना जा रहा है।
लगातार तीन मंदिरों में हुई थीं चोरी की वारदातें
शहर में पहली बड़ी वारदात 16-17 अप्रैल 2026 की मध्यरात्रि को दुर्ग स्थित कीर्ति स्तंभ के पास मल्लीनाथ जैन मंदिर में हुई थी। चोर यहां से भगवान शांतिनाथ और भगवान महावीर स्वामी की अष्टधातु मूर्तियां, 9 चांदी के छत्र, सिंहासन और दानपात्र से नकदी चोरी कर ले गए थे। इस मामले में कोतवाली थाने में प्रकरण दर्ज किया गया।
इसके बाद 26-27 अप्रैल की रात कैलाश नगर स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर में चैनल गेट का ताला तोड़कर चांदी के छत्र और दानपात्र चोरी कर लिया गया। वहीं 29-30 अप्रैल की रात चामटीखेड़ा स्थित द्वारकाधीश मंदिर में ताला तोड़कर चांदी का छत्र, वैकुंठी और चांदी की गाय चोरी कर ली गई।
लगातार हो रही इन वारदातों से शहरवासियों में आक्रोश फैल गया था और पुलिस पर जल्द खुलासे का दबाव बढ़ गया था।
बिजली गुल होने से बंद थे कैमरे, फिर भी पुलिस ने सुलझाया केस
जांच के दौरान सामने आया कि जैन मंदिर में चोरी वाली रात शहर के 200 केवी जीएसएस में ब्लास्ट होने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। इसके चलते अभय कमांड सेंटर समेत निजी प्रतिष्ठानों, दुकानों और घरों के सीसीटीवी कैमरे भी बंद हो गए थे। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिना कैमरों के सुराग जुटाने की थी।
जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह के निर्देशन में वृत्ताधिकारी बृजेश सिंह के सुपरविजन में कोतवाली थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम गठित की गई।
करीब 20 दिनों तक पुलिस टीम ने दिन-रात मेहनत कर तीनों घटनास्थलों तक आने-जाने वाले संभावित रास्तों का निरीक्षण किया। राजसमंद, भीलवाड़ा, नीमच और चित्तौड़गढ़ जिले के संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। पुलिस ने घटना वाली रात दुर्ग क्षेत्र में आने-जाने वाले वाहनों के मालिकों से भी पूछताछ की।
किराए के कमरे से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मिठुलाल नायक नामक व्यक्ति पिछले एक माह से शहर के दिवाकर नगर क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर रह रहा था और देर रात उसके पास कई युवकों का आना-जाना होता था। इस पर पुलिस ने मिठुलाल और उसके साथियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी।
संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर पुलिस ने मिठुलाल और उसके साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने चित्तौड़गढ़ के तीनों मंदिरों के अलावा उदयपुर जिले के फतेहनगर स्थित खाटूश्याम मंदिर में चोरी की वारदात भी कबूल कर ली।
अब तक गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मिठुलाल नायक, काना उर्फ कन्हैयालाल नायक, राजमल उर्फ राजू कामड़, प्रकाश खारोल और हिम्मत सालवी शामिल हैं।
वहीं देवीलाल रावत, किशन लोहार, ईश्वर नायक, घनश्याम नायक और काजल उर्फ मनीषा धनगर की तलाश जारी है।
वारदातों में ऐसे बंटी थीं भूमिकाएं
पुलिस जांच में सामने आया कि अलग-अलग मंदिर चोरी की घटनाओं में अलग-अलग आरोपियों की भूमिका रही। दुर्ग जैन मंदिर चोरी में मिठुलाल, कन्हैया, प्रकाश, देवीलाल, राजमल और किशन शामिल थे।
रामेश्वर महादेव मंदिर चोरी में मिठुलाल, कन्हैया, प्रकाश, हिम्मत और ईश्वर शामिल पाए गए। वहीं चामटीखेड़ा द्वारकाधीश मंदिर चोरी में हिम्मत सालवी, घनश्याम नायक और काजल उर्फ मनीषा धनगर की भूमिका सामने आई।
चोरी हुई मूर्तियां बरामद, बाकी सामान की तलाश जारी
पुलिस ने दुर्ग जैन मंदिर से चोरी हुई भगवान शांतिनाथ और भगवान महावीर स्वामी की अष्टधातु मूर्तियां तथा तीन आभामंडल बरामद कर लिए हैं। हालांकि चांदी के छत्र और अन्य चोरीशुदा सामान की बरामदगी के प्रयास अभी जारी हैं।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
पूरे मामले के खुलासे में कोतवाली थाना के कांस्टेबल प्रहलाद, सदर थाना के बलवंत सिंह और कोतवाली थाना के सुनील चौधरी की विशेष भूमिका रही।
कार्रवाई करने वाली टीम में थाना प्रभारी तुलसीराम, महेंद्र सिंह, चांदमल, जितेंद्र सिंह, नवरंगलाल, साइबर सेल के राजकुमार और रामावतार समेत कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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